
मन क्यों अशांत सा है
संतुष्टि का भान क्यों नहीं है
जल रहा दीया
फिर पतंगा ही परेशान सा क्यों है
भागा था वो अँधेरे से डर कर
क्या मिला रोशनी में आ कर
क्यों आँखे सूज रही है
रोते रोते आज
क्यों हो रही है
किरणे मैली सी आज
हम किस को अपनीकविताये सुनाये
सपनो के ताज महल
अब किसके लिए बनाये
इश्क की राहो में
वो चले नहीं
दिल की पथरीली
ज़मी पे वो ढले नहीं
अब वो एक खिड़की नहीं
जिस में फिर बसर हो
बोलिए हमसे अंतिम
सफ़र कैसे हो ........कैसे हो ?????
कृति ............अंजु (अनु)


