Wednesday, December 31, 2008

तुम से ..हम मिले............


राह में अकेले
जो तुम चले...
फिर तुम से ..हम मिले
साथ मिल कर ...थाम के हाथ मेरा ..
नयी राहो पे हम साथ चले ....
नजरो के रास्ते ..तुम हो दिल मे बसे
वफ़ा की मूरत ...जफा की सूरत..
लिए अनजान रहो पे साथ बढे ........
दुनिया की इस भीड़ मे..
मै भी अकली सी थी
खुद को तलाशती सी थी ....
पर नहीं मिला कोई भी..
पर जब से हम से ,तुम मिले हो
हर राह साथ चले हो ..दे कर अपना साथ ,
लेकर मुझे साथ ,
कोई धोखा नहीं,कोई नहीं किया फरेब
दिया अपना सच्चा साथ ,
हर राह को किया तुमने आसान ,
इस जिंदगी को बना दिया जीने के काबिल ,
तुम से मुझे हर ख़ुशी मिली ,मिला जीने को
पूरा ये आसमा ...
जहा मे भी उडी ..अपने अरमानो के पंख लगा ,
इतिह्सा का तो पता नहीं .......
हक्कीकत की ज़मी पे हो मेरे साथ....
तुम से ..हम मिले........तुम से हम मिले ........
(....कृति.....अनु.....)

अलविदा 2008***शुभ आगमन २००९............


अलविदा 2008***शुभ आगमन 2009
.......
ख़ुशी ख़ुशी करो विदा इस साल को (2008 )
करो स्वागत बाहें फैला कर नए साल का ...(2009)
लाये नया साल सब के लिए खुश्यियो भरी सोगात
मिटा कर पुराने गिले शिकवे सभी से ,
नए सल् मे हम फिर से सबको ,
अपना बनाये ,और दे अपना खुशियों भरा साथ ,
ना तोडे भूल के भी .अपनी कड़वी ..
बाते से दिल किसी का ,
क्यों कि हर दिल मे हे, रब बसता ,
नए साल में अपने घमंड पर ,पाए विजय ..
करे पवित्र प्रेम का संचार ,
आयो करे सबकी मन से प्रसंशा ,
न हो कोई इस मन में इर्श्षा का भाव,
मिले जो प्रेम दोस्तों से ,
करे उसका सम्मान ,,,,,,
आयो प्रेम से अपने ,मिटाए अपनों कि नाराज़गी
देकर अपने धर्ये का साथ ....
ख़ुशी ख़ुशी करो विदा इस साल को ...(2008 )
करो स्वागत बाहें फैला कर नए साल का ...(2009)
(.......कृति ....अनु...)

Monday, December 29, 2008

टुकडो में बंटी जिन्दगी को हम मिल कर जी ले .............



टुकडो में बंटी जिन्दगी को जी ले ..
एक चेहरे पे ,रख दूसरा चेहरा तू ,
अगर जीना है मन मुताबिक तो ,
रख विश्वास खुद पे
और जी के देख मेरे संग कल्पना कि दुनिया को ,
अब है हर तरफ सपनो कि ज़मी ,
तू ही मेरा सगा,तू ही मेरा प्यारा,
रहता है हर दम इस दिल मे ख्याल तुम्हारा ,
सीने मे दफ़न हुए सच्च को लेकर ,
जी के देख मेरे संग ,सपनो कि दुनिया
शान से कह तू मेरा ,मै तेरी हूँ ,
हाथ थाम ,विश्वास रख मुझे पे,
मै भी चली तेरे सगं पथरीली राहो पे ,
रख चेहरे पे मुस्कान ,कर तेरे प्यार का एहसास
माना प्यार को पुण्ये मैंने ,पाप नहीं है वोह ,
जैसा प्यार मीरा ने किया मोहन से ,
हमने भी किया है जो ,स्वार्थ नहीं निस्वार्थ है वोह ,
रख प्यार को दिल में और ,
आ प्यार से भरा ,जहर वाला प्याला हम भी पी ले .....
टुकडो में बंटी जिन्दगी को हम मिल कर जी ले .............
(.....कृति....अनु.......)

Sunday, December 28, 2008

सब कहते है मै मस्त मोला हू ......................



सब कहते है मै मस्त मोला हू ,
पर आज वक़्त दे गया मुझे ......सोच .....
जो मेरी सोच को समझ गया ........
उसने कहा ..कुछ मत सोचो ...
जो ना समझ सका मुझे ,
कहने लगा ...
अब भी वक़्त है ...कुछ तो सोचो ,
नहीं तो वक़्त हाथ से निकल जायेगा ...
कभी तो इस सोच की ..झलक ,
इस चहरे पे ..छलक..कर
सब को सब कुछ बता जाती है .......
मरी जिंदगी का आईना ..
है ये सोच ...
रिश्तो को जीने ..
की आस है ..
ये सोच .......
मेरी खामोशियों की ..
जुबा भी है ....सोच ..
आज मै जो भी कहे पा रही हू ........
वोह भी है मेरी सोच ..............
.......(कृति........अनु......)