वे
अपने लिए
नारी की
हरेक परत से
गुज़रना चाहते हैं
सकल पदार्थ
प्यार ,
अनुभूतियाँ ,
चमत्कार ,बाज़ार ,
सरंक्षण ,
सभी कुछ
अपनी सांसों में समेट
नारी की
नैसर्गिकता के
त्याग भाव से
चौंकते हैं
विभिन्न मुद्राओं ,
संदर्भों में ,
सीमाएं
निश्चित कर चर्चा
समारोह ,
समागमों से ,
नारी को
अपने में समेट लेना
चाहते हैं |
वे
अपने लिए .....|
(अनु)

( चित्र गुगल आभार से )
अपने लिए
नारी की
हरेक परत से
गुज़रना चाहते हैं
सकल पदार्थ
प्यार ,
अनुभूतियाँ ,
चमत्कार ,बाज़ार ,
सरंक्षण ,
सभी कुछ
अपनी सांसों में समेट
नारी की
नैसर्गिकता के
त्याग भाव से
चौंकते हैं
विभिन्न मुद्राओं ,
संदर्भों में ,
सीमाएं
निश्चित कर चर्चा
समारोह ,
समागमों से ,
नारी को
अपने में समेट लेना
चाहते हैं |
वे
अपने लिए .....|
(अनु)

( चित्र गुगल आभार से )