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Saturday, May 11, 2013

मेरी माँ






जैसे सत्य है रवि,
रवि की दीप्त किरणें भी
जैसे सत्य है बादलों की
श्यामली माया
सत्य है उसकी बरखा भी
सत्य है व्यवधान अंतर
जैसे सत्य तम भी उजाला भी
वैसे ही सत्य माँ
और उसकी ममता भी
अटल सत्य है तेरा और मेरे साथ
तुम मेरी सखी-सहेली भी
और खुद में पूर्ण और सम्पूर्ण भी
मेरी माँ...............||




बहुत  खुशनसीब हूँ की शादी की २५ वीं सालगिरह पर माँ हमारे साथ थी अपने आशीर्वाद के साथ



 मैं और मेरे बच्चे ......(मैं भी अब माँ की भूमिका में .....कल, आज और कल )


अंजु(अनु)