हम भी चलो लगाएँ पेड़ .......
लगते हैं हमको अति प्यारे
हरे भरे ये सुन्दर पेड़
हरित वसन ये धरती माँ के
अनुपम पर उपकारी पेड़ |
धूप ओढ़ लेते हैं सिर पर
दूषित वायु स्वयं पी लेते
प्राण वायु देते हैं पेड़ |
औषधियों ,फल-फूल दे रहे
पर हमसे कुछ ना लेते पेड़
खड़े हुए हैं छाता ताने
पथ का श्रम हर लेते पेड़
स्वयं खड़े रहते जीवन भर
हम को कुर्सी देते पेड़
आंधी ,पानी ...सर्दी -गर्मी
करते सहन पल पल ये
प्यास बुझाने को धरती की
काले काले मेघ बुलाते ये पेड़
बड़े प्यार से हम को
सावन में झूला झुलाते ये पेड़
हम स्वार्थी निर्दयी हाथों से
कभी ना कटने देंगे पेड़
चलो बने हम भी ,पर उपकारी
हम भी लगायें खूब पेड़ ||
