Showing posts with label विमोचन. Show all posts
Showing posts with label विमोचन. Show all posts

Thursday, February 14, 2013

पुस्तकों का विमोचन

विश्व पुस्तक मेला ...दिल्ली में इन पुस्तकों का विमोचन हुआ (इंटरनेशनल बुक फेअर )


  ए-री-सखी,पगडंडियाँ और अरुणिमा का विमोचन के पल ...........
10.02.2013 को इसके लोकार्पण के अवसर पर वरिष्ठ कथाकार श्रीमति चित्रा मुदगल, श्री विजय किशोर मानव, कवि व पूर्व संपादक "कादंबनी", श्री बलराम, कथाकार व संपादक, लोकायत, श्री विजय राय, कवि व प्रधान संपादक, लमही एवं श्री ओम निश्चल, कवि-आलोचक पधारे ...
अरुणिमा के विमोचन के समय मंच पर ...राजीव तनेजा, सुनीता शानू ,सरस दरबारी जी मुकेश कुमार सिन्हा और डॉ महफूज़ अली ...साथ में शैलेश जी और मैं




 पगडंडियों के साथ ....हम सब साथ साथ हैं .....मुकेश जी, नीता जी ,गुरमीत जी ,गुंजन जी ,नीलू-नीलम जी ,रंजू भाटिया जी















रेखा श्रीवास्तव जी  और अनुपमा त्रिपाठी जी

और जिनकी हम कोई भी तस्वीर नहीं ले पाए वो हैं अरुणिमा के प्रतिभागी सूजन  कवि जी जो कुरुक्षेत्र से इस विमोचन का हिस्सा बनाने आए थे
अशोक अरोड़ा जी मेरठ से ,मीनाक्षी पन्त जी और सरिता भाटिया जी दिल्ली से
शाहनवाज़ जी ,रमेश सिरफिरा जी, दिनेशराय द्विवेदी जी ,महफूज़ अली  और खुशदीप  भैया साथ में हरी जपुरिया जी 

आधा सच से महेंद्र श्रीवास्तव जी और कमल जी
 मुंबई से नीता कोटेचा (साड़ी में ) और आगे नीरू नोएडा से


आनंद कुमार द्विवेदी जी ...और बाकि की मित्र मंडली ...इनके अतिरिक्त सुधांशु श्रीवास्तव ,अविनाश वाचस्पति जी और संतोष जी भी उपस्थित थे |
कुछ फुर्सत के पल 
हमारी मित्र मंडली के साथ एक कोने में खड़े अरुण शर्मा ''अनंत''

विश्व पुस्तक मेला ...दिल्ली के  कुछ यादगार पल ....
 एक बार फिर हिन्दी के किसी समारोह मे इतनी अधिक उपस्थिती देखी गई, पूरा हाल भरा हुआ था, उपस्थिती करीबन१२५  से १५०  लोगो की थी...बहुत से लोगों से मिलना हुआ कुछ याद रहें कुछ के नाम नहीं जानते ...फिर भी उनका दिल से आभार .....सभी दोस्तों का दिल से आभार जो हम लोगों की पुस्तकों के विमोचन के अवसर पर हम सब के साथ थे ...

आप  सब का दिल से आभार