Saturday, October 6, 2012

पल पल बदलता आसमां (एक हवाई यात्रा )

 १५ मिनट में आसमां का बदलता रंग ...पल पल मेरे कैमरे में कैद कुछ पल 


नीचे उतरते वक्त , ऊँचाई से दिखता दिल्ली का नज़ारा 



 पल पल बदलता आसमां का रंग













 लैंडिंग के वक्त खुलते पंख



एक और धुंधला नज़ारा 
 



 अलगे ही पल-पल और नीचे ...और नीचे













 पूरी तरह से रुकने के बाद


सभी फोटो मोबाईल से लिए गए हैं ......अंजु (अनु)

41 comments:

"अनंत" अरुन शर्मा said...

बेहद सुन्दर-२ नजारें कैद किये हैं आपने.

अरूण साथी said...

एक पंख और हजार कहानी, कैमरे की आंख की जुबानी....सार्थक

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक (उच्चारण) said...

बहुत सुन्दर प्रस्तुति!
आपकी इस उत्कृष्ट प्रविष्टी की चर्चा कल रविवार (07-10-2012) के चर्चा मंच पर भी की गई है!
सूचनार्थ!

Anju (Anu) Chaudhary said...

शुक्रिया शास्त्री जी

वन्दना said...

वाह अंजू तुमने तो हमे भी सैर करा दी।

Mukesh Kumar Sinha said...

:)

संगीता स्वरुप ( गीत ) said...

बढ़िया नज़ारे कैद किए हैं ।

महेन्द्र श्रीवास्तव said...

खिड़की वाली सीट का अच्छा लुफ्त उठाया आपने..
हाहाहहा

Anju (Anu) Chaudhary said...

क्या करते महेंद्र जी .......मेरे वाले महेंद्र ...अपने दोस्त के साथ बातों में मशगूल थे ना ...:)))))

Reena Maurya said...

बहुत अच्छी तस्वीरे...
:-)

expression said...

उड़ चला मन भी...................

सुन्दर..

अनु

रेखा श्रीवास्तव said...

बहुत सुंदर चित्र प्रस्तुत किये हें.

आनन्द विश्वास said...

सुखद, सुन्दर, मन-भावन अनुभूति।
एक यादगार पल,जिसे भूला न जा
सके।

आनन्द विश्वास।

Ramakant Singh said...

अद्भुत, सुन्दर, मनमोहक,अनिर्वचनीय, बहुत ही खुबसूरत चित्रों की श्रृखला

रश्मि प्रभा... said...

बहुत सुन्दर...एक एक पल को कैद कर लिया

Amit Srivastava said...

वाह ! खूबसूरत |

Shah Nawaz said...

वाह जी वाह... सुन्दर तस्वीरें... कहाँ की सिर हो गई?

Anju (Anu) Chaudhary said...

शहनवाज़ ...यूँ ही आसमां घूमने का मन किया ...तो घूम आई :))))

दीपक बाबा said...

सही है... तस्वीरें तो हमने भी खींची थी... पर कभी पब्लिश नहीं की.. अपने कर ली. आभार स्वीकार करना... खुदा आफिज़.

Virendra Kumar Sharma said...

आसमां की भी छत पर बादलों से बहुत ऊपर उड़ने का अनुभव उसे कैमरे में समेटना और समेटकर परोसना वह भी मोबाइल से एक विजन तो है ही .ब्योरा भी है कुदरत के बदलते नजारों का .सापेक्षिकता का .नजरिया बदलते ही चित्र भी बदल जाता है .

ram ram bhai
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रविवार, 7 अक्तूबर 2012
कांग्रेसी कुतर्क

सतीश सक्सेना said...

आसमां की सैर मुबारक हो अनु ...

Manu Tyagi said...

मोबाईल से भी गजब की फोटो हैं

शिवम् मिश्रा said...

वाह क्या बात है ...


दुर्गा भाभी को शत शत नमन - ब्लॉग बुलेटिन आज दुर्गा भाभी की ११० वीं जयंती पर पूरी ब्लॉग बुलेटिन टीम और पूरे ब्लॉग जगत की ओर से हम उनको नमन करते है ... आपकी यह पोस्ट भी इस प्रयास मे हमारा साथ दे रही है ... आपको सादर आभार !

रचना दीक्षित said...

पंछी बनूँ, उडती फिरूं, मुक्त गगन में....

संजय भास्कर said...

बढ़िया नज़ारे.... मुबारक हो

Rajesh Kumari said...

आपके चित्रों के साथ- साथ हम लैंड कर रहे थे और देखिये देहली में लैंड कर गए (पर कहाँ से आ रहे थे ये नहीं बताया )वाह लैंडिंग के वक़्त एक- एक पल को क्लिक किया सभी चित्र खूबसूरत हैं बधाई

Sriprakash Dimri said...

बाहद सुन्दर चित्रावली यात्रा की दोहावली...आभार !!!

रश्मि प्रभा... said...

http://vyakhyaa.blogspot.in/2012/10/blog-post.html

तेजवानी गिरधर said...

अति सुंदर

तेजवानी गिरधर said...

अति सुंदर

Rewa said...

wah!bahut bahut sundar pictures hain.....

हरकीरत ' हीर' said...

bahut bahut bdhai Anju ji .....

Shah Nawaz said...

सिर = सैर :-)

Shah Nawaz said...

बढ़िया है!!!!!

Madan Mohan Saxena said...

सुन्दर चित्रावली . लैंडिंग के वक़्त एक- एक पल को क्लिक किया सभी चित्र खूबसूरत हैं बधाई

PD said...

उड़ते व् उतरते समय सभी इलेक्ट्रोनिक उपकरणों का उपयोग वर्जित है. :P :)

सुरेन्द्र "मुल्हिद" said...

chalo acha hai aapne hawai yatra karaa dee

इमरान अंसारी said...

सभी फोटू बहुत सुन्दर हैं....इसी बहाने हम भी उड़ लिए :-)

Suman said...

वाह खूबसूरत ...

नीरज गोस्वामी said...

आपको फ्लाईट में मोबाइल ओन करने दिया एयर लाइंस वालों ने...कमाल है...बहार हाल...बहुत जीवंत चित्र हैं...

नीरज

अरुण चन्द्र रॉय said...

सुंदर चित्र