Thursday, March 8, 2012

वुमंस डे ....स्पेशल

वुमंस डे ....स्पेशल


नारी को सिर्फ एक दिन का सम्मान क्यों ?

वर्षों से अग्नि में तपती औरत
क्या साल में एक दिन सम्मान पाने को
क्यों नहीं हैं
हर दिन उसका ,
जिसके इर्द गिर्द घूमती
हर घर की दीवारे हैं
क्यों हम ये नहीं मान लेते
नारी बिन अधूरी
ये दुनिया सारी हैं
कल ,आज और कल
थी ये नारी हर
पुरुष पर भरी ,
नहीं तोड़ी मर्यादा इसने
अपनी सीमायों में
लहराई हैं इसने
अपनी विजय पताका ||


हमारे धर्मशास्त्रों में भी कहा गया हैं कि .............
यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते ,रमन्ते तत्र देवता ....अर्थात नारी को ज्ञान .सम्पति का स्त्रोत माना गया हैं तथा वह देवताओं के सम्मान पूजनीय हैं |
फिर क्यों  .. साल में एक दिन ही  नारी का दिन यानी वुमंस डे ....क्यों ??? हर दिन नारी (वुमंस ) के लिए नहीं हैं |
                                                         
( साथ के साथ होली ही बहुत बहुत शुभकामनएं ....सभी मित्रों को दिल से रंगों के त्यौहार होली की हार्दिक मुबारकबाद )


अनु

36 comments:

यशवन्त माथुर (Yashwant Mathur) said...

बहुत ही बढ़िया
आपको महिला दिवस और होली की सपरिवार हार्दिक शुभकामनाएँ।

सादर

vidya said...

बेहद सार्थक लेखन....
ये एक दिन तो पुरुषों के बनाया...
हम खुद ही बाकी के दिन अपने नाम ना कर लें :-)

सक्षम तो हम हैं ही...

आपको भी बहुत सी शुभकामनाएँ.....

अरूण साथी said...

मैं इस श्लोक से सहमत नहीं हूं। इसी ने बंटाधार किया है। पुज्य बना दिया बस और फिर अपमान ही अपमान। कर्म में यह कहीं नहीं दिखता और इसके लिए आप सब दोषी है। इसी पर लिख रहा हूं आगे..

expression said...

बहुत अच्छी...सशक्त रचना ....

काश हर दिन हमारा हो..............

आपको भी होली और वुमंस डे की शुभकामनाएँ..

मदन शर्मा said...

सुन्दर प्रस्तुति ....होली एवं अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस की ढेर सारी शुभकामनाएं जी आपको

मदन शर्मा said...

सुन्दर प्रस्तुति ....होली एवं अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस की ढेर सारी शुभकामनाएं जी आपको

मदन शर्मा said...

सुन्दर प्रस्तुति ....होली एवं अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस की ढेर सारी शुभकामनाएं जी आपको

Kunwar Kusumesh said...

Happy holi and Mahila divas both.

dheerendra said...

बहुत सुंदर प्रस्तुति,अच्छी अभिव्यक्ति....
महिला दिवस और होली की बहुत२ बधाई शुभकामनाए...

RECENT POST...काव्यान्जलि
...रंग रंगीली होली आई,

Kailash Sharma said...

बहुत सार्थक प्रस्तुति...होली की हार्दिक शुभकामनायें!

dinesh gautam said...

बहुत अच्छी भावाभिव्यक्ति है आपकी । बस वर्तनी की त्रुटियों पर ध्यान दें । होली और नारी दिवस की शुभकामनाएँ

poonam said...

bahut hi sundar kavita

shaveta said...

bahut sundar

shaveta said...

bahut ache

सुरेन्द्र "मुल्हिद" said...

naari shakti ko pranaam!

Dr (Miss) Sharad Singh said...

सार्थक लेखन....
महिला दिवस और होली की हार्दिक शुभकामनायें !

ज्ञानचंद मर्मज्ञ said...

सार्थक लेखन!
सदियों से नारी के साथ अन्याय होता रहा है ! यह मालूम होते हुए भी कि नारी का समाज में बराबर का हक़ है , समाज ने उन्हें उनके अधिकारों से वंचित रखा ! मगर अब महिलाओं में जागरूकता बढ़ी है,शिखा के प्रति रुझान बढ़ा है , आशा है अब उन्हें उनके अधिकार से ज्यादा दिनों तक वंचित नहीं रखा जा सकता !

दिगम्बर नासवा said...

गलत संस्कृति के चलते हम एक दिन की बात करते हैं ... दरअसल नारी सदा ही सम्मान योग्य है किसी भी रूप में ...
आपको होली की शुभकामनायें ...

Mukesh Kumar Sinha said...

hame to lagta hai, har din naari ka hai.. aur ye din issi baat ko aur jayda jor dene ke liye hai..:)

नयना said...

bahut achchi, prabhavi rachna

mahendra verma said...

हां, प्रत्येक दिन , प्रत्येक पल नारी का भी है। उसका सम्मान हर क्षण किया जाना चाहिए, न कि केवल एक दिन।

अग्निमन said...

bahut hi sundar bhav

अग्निमन said...

bahut hi pyare bhav anju ji

अग्निमन said...

bahut hi pyare bhav anju ji

Minakshi Pant said...

बहुत सुन्दर अंदाज़ में लिखी सुन्दर रचना महिला दिवस कि आपको भी बढ़ी दोस्त |

प्रतीक माहेश्वरी said...

मेरे ख्याल से यह प्रश्न उठना ही नहीं चाहिए..
जैसे कई लोग वैलेंटाइन्स साल भर मनाते हैं वैसे ही हर महिला को हर दिन अपने मनोबल को ऊँचा रखते हुए संघर्ष करना चाहिए..
मुझे पता है कि यह कहना आसान है और करना मुश्किल पर ज़िन्दगी इसी का नाम है!
आशा है कि देश और विश्व की सभी महिलाएं अपने हकों के लिए संघर्षरत रहेंगी और सफल भी होंगी!

Santosh Kumar said...

नारी बिन अधूरी
ये दुनिया सारी हैं ...

ये दुनिया जितनी जल्द इसे स्वीकार कर ले, समाज के लिए उतना ही बेहतर होगा. अच्छी प्रस्तुति.

ashok andrey said...

bahut gehri baat kahii hai aapne,narii ke jeevan ko lekar,badhai.

Udan Tashtari said...

सुन्दर रचना

Naveen Mani Tripathi said...

bahut hi sundar rachana shubhkamanayen

Naveen Mani Tripathi said...

bahut hi sundar rachana shubhkamanayen

Naveen Mani Tripathi said...

bahut hi sundar rachana shubhkamanayen

Naveen Mani Tripathi said...

anju ji bahut hi sundar rachana ...badhai sweekaren

दिनेश पारीक said...

बहुत बहुत धन्यवाद् की आप मेरे ब्लॉग पे पधारे और अपने विचारो से अवगत करवाया बस इसी तरह आते रहिये इस से मुझे उर्जा मिलती रहती है और अपनी कुछ गलतियों का बी पता चलता रहता है
दिनेश पारीक
मेरी नई रचना

कुछ अनकही बाते ? , व्यंग्य: माँ की वजह से ही है आपका वजूद: एक विधवा माँ ने अपने बेटे को बहुत मुसीबतें उठाकर पाला। दोनों एक-दूसरे को बहुत प्यार करते थे। बड़ा होने पर बेटा एक लड़की को दिल दे बैठा। लाख ...

http://vangaydinesh.blogspot.com/2012/03/blog-post_15.html?spref=bl

दिनेश पारीक said...

बहुत बहुत धन्यवाद् की आप मेरे ब्लॉग पे पधारे और अपने विचारो से अवगत करवाया बस इसी तरह आते रहिये इस से मुझे उर्जा मिलती रहती है और अपनी कुछ गलतियों का बी पता चलता रहता है
दिनेश पारीक
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दिनेश पारीक said...

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दिनेश पारीक
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