Thursday, December 29, 2011

मैं और मेरे कवि मन के घर आँगन में

इस १९ दिसंबर में मेरा ब्लॉग ...पूरे ३ साल का हो गया ....अपनी व्यवस्ता और कुछ बीमार होने की वजह से मैं ये पोस्ट पहले नहीं डाल सकी ...पर आज मन हुआ कि ...आप सबके साथ अपनी इस खुशी को साँझा करूँ ...नहीं जानती की आप सबको ये कैसा लगेगा ..पर ये लिखते वक्त मेरा मन खुश है ...यहाँ ब्लॉग की दुनिया में मैंने अपने ३ साल बहुत अच्छे से पूरे किये ...आप सबके बीच ...भले ही मेरी पहचान नई है ....पर मेरी खुद से और कविता से ..मेरे भावो को लिखने की ये पहचान बहुत पुरानी हैं ...मैं अनु आप सभी दोस्तों का दिल से आभार मानती हूँ कि मेरी कुछ नादानियों को नज़र अंदाज़ करके ...मेरी लेखनी को आप सबका आशीर्वाद वक्त वक्त पर मिलता रहा है .. अपनी लिखी नई कविता के साथ ...आप सबके सामने फिर से आई हूँ |



मैं और मेरे कवि मन के
घर आँगन में
हर दिन
नए भावों का सूरज
आता हैं
मेरे भीतर बैठा
मेरा कवि मन
मुझ से खूब बतियाता है
एकांत में ,भीड़ में
मुस्कुराते हुए
अपनापन जतलाता है
मैं उसे ,अपने मन की बाते
बतलाती हूँ
और वो शब्दों का साथ
मुझे दे जाता हैं
फिर भी मैं कितनी
बेबस हूँ -विवश हूँ
अपने ही बनाये
मक्कड़ जाल में फंस जाती हूँ
सामाजिक -पारिवारिक
संबंधो में ही उलझ कर
अपने ही भावो और शब्दों
से खुद को दूर करती चली जाती हूँ
पर
मेरा कवि मन सब जानता हैं
कि...इस यथार्थ को
उसे ऐसे ही अपनाना होगा
और मेरा साथ ऐसे ही
ता उम्र निभाना होगा
मैं और मेरा कवि मन ||

अनु

34 comments:

Mukesh Kumar Sinha said...

सबसे पहले तो ब्लॉग के तीन वर्ष बीतने पर बहुत बहुत बधाई :)

Mukesh Kumar Sinha said...

वैसे तुम और तुम्हारा कोमल कवि मन........ दोनों को सलाम!!
पहले दिन से जनता हूँ, बहुत सच लिखती हो... और दिल से लिखती हो :))

यशवन्त माथुर (Yashwant Mathur) said...

कविता बहुत अच्छी लगी।
ब्लॉग के 3 वर्ष होने पर बहुत बहुत बधाई!


सादर

वन्दना said...

कवि मन कभी साथ नही छोडता और ना छोडेगा…………बहुत सुन्दर प्रस्तुति। ब्लोग के 3 वर्ष पूरे होने पर बधाई।

kumar said...

खूबसूरत रचना....ढेरों मुबारका ब्लॉग के लिए....

रश्मि प्रभा... said...

कवि मन ढेर सारी बातें करता जाए और तुम लिखती जाओ ...

डा.राजेंद्र तेला"निरंतर" Dr.Rajendra Tela,Nirantar" said...

aapkaa kavi man aapko jaantaa hai
achhee tarah se pahchaantaa hai
isliye aapkaa saath nahee chhodtaa hai

उपासना सियाग said...

बहुत -बहुत बधाई अंजू ..........और बहुत सुन्दर रचना भी

નીતા કોટેચા said...

dherrrrrrrrrrrrrrrr sari badhai annu...chalo mithai bhejo... aur tumhara kavi man ko mai bahut karib se janti hu..vo bahut komal hai..uska anubhav mai kar chuki hu.. muje to tum bolti ho bat karti ho to bhi lagta hai jaise kavita boli ho..har pal tum khush raho..aur jo rasta hai ye usme tum roj naye mukam hasil karo ye hi duaa karungi..dil se...

कुमार संतोष said...

सबसे पहले ब्लोग के 3 वर्ष पूरे होने पर बधाई।
सालो साल ये ब्लॉग यूँ ही तरक्की करता रहे ऐसी ईश्वर से कामना है ! और आपकी रचना तो हमेशा से हीं हम सब के दिलों को खूब भाति है !


मेरी नई रचना
एक ख़्वाब जो पलकों पर ठहर जाता है

Reena Maurya said...

hamara kavi man hi to man ke bhavo ko saralata se vykt karane me sahayata karat hai...
sundar rachana hai....
blog ke liye congrasulation...

संगीता पुरी said...

वाह ..
मेरे जन्‍म दिन पर आपने अपना ब्‍लॉग बनाया था ..
इसके सफलता पूर्वक तीन वर्ष पूरे होने पर आपको बहुत बधाई ..
आपकी यह रचना भी अच्‍छी लगी..
नया वर्ष आपके लिए मंगलमय हो !!

Deepak Shukla said...

Anu ji...

Man ke bhavon ka darpan hi...
To kavita kahlata hai...
Jo man ka nishchhal hota hai...
Kavita wo likh paata hai...

Man main dwesh, prapanch hon chalen...
Ya fir antar main virodh..
Shabdon sang mukhar ho jata..
Antarman main jo ho krodh..

Nirmal man ke bhav hon nirmal...
Shabd saral ban jaate hain..
Bhavk man ya klant hruday ho..
Bhav swatah dikh jaate hain..

Kavita jharne si bahti hai...:)
Man ke ahsaason ke sang...
Jaise jeevan sabka chalta...
Sabki hi saanson ke sang...

Kitna koi muhn mode ya..
Bandish, bandhan hi aayen...
Ek shabd bhi likhe na koi..
Kavitayen fir bhi ban jayen...

Aapki kavita ka pratyek shabd aur bhav hum sabka sajha hai...kabhi shabdon ki door haath se chhooti si lagti hai to jaane kahan se punah jud jaati hai...

Aapke blog ke 3 varsh pure hone par hardik shubhkamnayen...kahte hain der aayad durust aayad...so 3 saal baad hi sahi yahan aana sarthak hua...ab roj aana rahega..

Shubhkamnaon sahit...

Deepak Shukla..

ब्लॉ.ललित शर्मा said...

बधाईयां जी बधाईयाँ

Amit Chandra said...

बधाई आपको. आप और आपकी लेखनी इसी तरह आगे बदती रहे.

यादें....ashok saluja . said...

बहुत-बहुत मुबारक कबूल करें !
नव-वर्ष की शुभकामनाएँ !

Sanjeeva Tiwari said...

ब्‍लॉग के इस सफर के लिये बधाई. अनवरत रहे यह कारवां...

veerubhai said...

सहज मन की विकल अभिव्यक्ति जीवन को समझने उससे तालमेल बिठाने की राह दिखाती .बधाई .

dheerendra said...

बहुत सुंदर रचना,ब्लॉग के तीन वर्ष पूरे होने की हार्दिक बधाई,आप हमेशा इसी तरह लिखती रहे
नए साल की बहुत२ शुभकामनाये बधाई,...

नई पोस्ट --"काव्यान्जलि"--"नये साल की खुशी मनाएं"--click करे...

कविता रावत said...

kavi man hota hai aisa hai..tabhi to ham tamam mushibaton se hokar gajarte hain lekin apna karm karna nahi bhulti..
3 saal pure karne par haardik badhai...
Sundar rachna aur navvarsh kee haardik shubhkamna!!

संजय भास्कर said...

क्या बात , क्या बात , क्या बात
ब्लॉग के 3 वर्ष होने पर बहुत बहुत बधाई!

shikha varshney said...

बहुत ही सुन्दर ..नव वर्ष की ढेरों शुभकामनायें.

आशा said...

अच्छी रचना |बधाई |नव वर्ष शुभ और मंगलमय हो |
आशा

Kailash Sharma said...

सुंदर प्रस्तुति...ब्लॉग के ३ वर्ष पूरे होने पर बधाई ..नव वर्ष की हार्दिक शुभकामनायें!

बिखरे हुए अक्षरों का संगठन said...

अंजू जी बहुत सुन्दर रचना, बहुत बहुत बधाई एवं नव वर्ष की शुभकामनायें

बिखरे हुए अक्षरों का संगठन said...

अंजू जी बहुत सुन्दर रचना, बहुत बहुत बधाई एवं नव वर्ष की शुभकामनायें

संगीता स्वरुप ( गीत ) said...

बहुत सुन्दर लिखा है कवि मन ... तीन साल ब्लोगिंग करते हुए हो गए ..इसके लिए आपको बहुत बहुत बधाई

महेन्द्र श्रीवास्तव said...

ब्लाग के तीन साल पूरे करने पर बहुत बहुत मुबारकां

इस मुबारक मौके को बहुत ही सुंदर रचना
के साथ याद किया आपने।
कई बार कविताए इतना कुछ कह जाती हैं कि
फिर कुछ कहने के लिए शब्द और भाव कम
पड़ जाते हैं।

S.M.HABIB (Sanjay Mishra 'Habib') said...

वाह! बेहतरीन प्रस्तुति... ब्लॉग के तीसरे वर्षगांठ की बधाई ... सादर बधाई और
नूतन वर्ष की सादर शुभकामनाएं

Ashok Bajaj said...

नव-वर्ष 2012 की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं !

dheerendra said...

मेरी दुआ ही कि आप इसी तरह निरंतर लिखती रहे,..बधाई,...

WELCOME to new post--जिन्दगीं--

कौशल किशोर said...

bahut badhiya likha....

dheerendra said...

WELCOME to--काव्यान्जलि--जिन्दगीं--

ईं.प्रदीप कुमार साहनी said...

बहुत सुन्दर रचना ।
मेरी भी रचना देखें ।
मेरी कविता:मुस्कुराहट तेरी